"जो दूसरों को सम्मान देता है, असल में वो खुद सम्मानित होता है।"

"He who gives respect to others is actually respected himself."

प्रतिबिंब का नियम: दुनिया एक दर्पण की तरह है। आप जो दूसरों को देते हैं, वही आपके पास लौटकर आता है। सम्मान माँगने से नहीं, देने से मिलता है।

संस्कार: किसी छोटे या बड़े का भेद किए बिना सभी के साथ शालीनता से पेश आना आपके उच्च चरित्र को दर्शाता है। आपकी विनम्रता ही आपकी असली पहचान है।

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