"खुशियाँ बांटने से बढ़ती हैं और दुख बांटने से कम होता है।"

"Happiness increases by sharing and sorrow decreases by sharing."

इंसानियत का धर्म: हम एक सामाजिक प्राणी हैं और हमारे सुख-दुख दूसरों से जुड़े हैं। जब हम किसी के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं, तो हमें जो संतुष्टि मिलती है, वो अनमोल है।

सहानुभूति: किसी के कठिन समय में बस उसका साथ देना या उसकी बात सुन लेना भी बहुत बड़ी मदद है। सहानुभूति और प्रेम ही वो धागे हैं जो समाज को जोड़कर रखते हैं और जीवन को जीने योग्य बनाते हैं।

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